तुम्पेक वारिगा, जिसे तुम्पेक उदुह, तुम्पेक बुबुह या तुम्पेक पेंगाताग भी कहते हैं, शनिवार, 19 दिसंबर 2026 को है। इस दिन बाली के हिंदू पेड़ों और पौधों को चावल का दलिया (बुबुर) चढ़ाते हैं, जो बुधवार 13 जनवरी 2027 के गालुंगन से ठीक 25 दिन पहले पड़ता है।
यह तारीख बाली के डिजिटल पंचांग kalenderbali.org ("Tumpek Uduh/Pengatag, Saniscara Keliwon Wariga") और detikBali द्वारा 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित 2026 हिंदू त्योहार सूची, दोनों में एक जैसी है। कोई दूसरी तारीख नहीं मिली। 24 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
19 दिसंबर ही क्यों?
तुम्पेक हमेशा उस शनिवार को आता है जो क्लिवोन दिन से मेल खाता है, और इसका नाम 210 दिन के पावुकोन कैलेंडर के वुकु (सप्ताह) से आता है। वारिगा वुकु का शनिवार क्लिवोन हमेशा गालुंगन से 25 दिन पहले होता है, ताकि पौधे गालुंगन के चढ़ावे के लिए भरपूर फल दें। इससे पाँच हफ्ते पहले धातु की वस्तुओं के लिए 14 नवंबर 2026 का तुम्पेक लांडेप है, और पिछला तुम्पेक वारिगा 23 मई 2026 को था।
उस दिन क्या दिखेगा?
घर के आँगन, बगीचों और धान के खेतों में परिवार पेड़ों के सामने चढ़ावा रखते हैं, खासकर नारियल, आम, कटहल और डूरियन जैसे फलदार पेड़ों के सामने। NOW! Bali के अनुसार अनुष्ठान के चरण हैं: pengarah (पौधे को "बताया" जाता है कि उसे आशीर्वाद मिलेगा और उसे दादा-दादी की तरह पुकारा जाता है), pengatag (तने को हल्के से ठोका या खरोंचा जाता है और ताड़ के पत्तों की सजावट sasap लटकाई जाती है), और bubuh (पौधे के "भोजन" के रूप में दलिया)।
दलिया कई रंगों का हो सकता है। Metro TV ने 2024 में देनपसार नगर सरकार के अनुष्ठान में पांडुलिपि Lontar Bhagawan Agastyaprana के अनुसार पाँच प्रकार दर्ज किए:
- सफेद चावल का दलिया: कंद वाले पौधों के लिए;
- लाल चावल का दलिया: अनाज और बीज देने वाले पौधों के लिए;
- हरा सुमसुम दलिया: पहले फूलने वाले फलदार पेड़ों, जैसे आम और लोंगन के लिए;
- पीला चिपचिपा चावल दलिया: तने पर फल देने वाले पेड़ों, जैसे कटहल और डूरियन के लिए;
- काले चावल (इंजिन) का दलिया: सजावटी, फूल वाले और सुगंधित तेल वाले पौधों के लिए।
स्थानीय सरकारें भी इस दिन अक्सर पौधारोपण (वाना केर्ति) करती हैं। detikBali के अनुसार 25 अक्टूबर 2025 के तुम्पेक वारिगा पर बांगली ज़िले ने पुरा पुचक ह्यांग वुकिर के आसपास कटहल, माजेगाउ, ब्रेडफ्रूट और केतापांग के पौधे लगाए, और Merdeka.com के अनुसार बाली प्रांत सरकार ने पुरा पेंगुबेंगन बेसाकिह में प्रार्थना की और अगले दिन पूरे द्वीप में पौधारोपण और नदी सफाई की।
कहाँ देख सकते हैं?
मुख्य अनुष्ठान परिवारों के घरों और बगीचों में होता है, इसलिए देखने का कोई एक मंच नहीं है। पिछले वर्षों में जहाँ सरकारी आयोजन हुए:
- पुरा अगुंग लोकनाथ, लुमिनतांग, देनपसार: देनपसार नगर का Nguduh Sarwa Tumuwuh अनुष्ठान, 31 अगस्त 2024 (Metro TV)।
- पुरा पुचक ह्यांग वुकिर, बांगली: ज़िला पौधारोपण, 25 अक्टूबर 2025 (detikBali)।
- हुतान देसा सेलात, सुकासादा, बुलेलेंग: वाना केर्ति प्रार्थना और पौधारोपण, 14 मई 2022 (ANTARA Bali)।
पिछले स्थानों पर दोबारा आयोजन की गारंटी नहीं है। व्यावहारिक तरीका: सुबह ऐसे गाँव में टहलें जहाँ बगीचे और धान के खेत ज़्यादा हों, या अपने मेज़बान से पूछें कि क्या उनका परिवार आँगन के पेड़ों की पूजा करता है और क्या आप देख सकते हैं।
पर्यटकों के लिए शिष्टाचार
- उस दिन पेड़ों पर न चढ़ें। NOW! Bali बताता है कि तुम्पेक उदुह पर पौधे पवित्र माने जाते हैं, इसलिए यह मना है।
- तनों पर लगे चढ़ावे और दलिया को न छुएँ, न उठाएँ, और बहुत पास से फोटो न लें।
- किसी के आँगन में जाने या प्रार्थना करते लोगों की फोटो लेने से पहले अनुमति लें।
- मंदिर में जाएँ तो सारोंग (कामेन) और कमरबंद पहनें और वहाँ के नियम मानें।
- पैरों का ध्यान रखें, ज़मीन पर या पेड़ों के सामने रखे चानांग चढ़ावे पर पैर न रखें।
व्यावहारिक जानकारी
- तारीख: शनिवार, 19 दिसंबर 2026 (Saniscara Kliwon Wariga)। पारिवारिक अनुष्ठान आमतौर पर सुबह होते हैं, कोई आधिकारिक समय नहीं।
- टिकट: नहीं। यह अनुष्ठान है, शो नहीं।
- 2024 के सरकारी आयोजन स्थल का उदाहरण: Google Maps पर पुरा अगुंग लोकनाथ। पार्किंग की जानकारी जारी नहीं हुई; त्योहार के दिन ऐप टैक्सी या बाइक टैक्सी आसान रहती है।
- 24 अक्टूबर 2026 तक की स्थिति: तारीख बाली पंचांग से तय है; 19 दिसंबर 2026 के लिए सरकारी अनुष्ठान या पौधारोपण कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ।
स्रोत: kalenderbali.org, detikBali (6 जनवरी 2026 और 25 अक्टूबर 2025), Metro TV (31 अगस्त 2024), Merdeka.com (22 अक्टूबर 2025), ANTARA Bali (14 मई 2022), NOW! Bali। सभी 24 अक्टूबर 2026 को जाँचे गए। एक और तुम्पेक अनुष्ठान के लिए तुम्पेक वायांग और सापुह लेगेर पढ़ें; 19 दिसंबर को पेड़ों पर लगाया दलिया गालुंगन और कुनिंगन की तैयारी का पहला कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या तुम्पेक उदुह और तुम्पेक वारिगा एक ही दिन हैं? हाँ। वारिगा, उदुह, बुबुह, पेंगाताग और पेंगाराह एक ही दिन के नाम हैं।
क्या दुकानें और पर्यटन स्थल बंद रहते हैं? किसी बंदी की घोषणा नहीं हुई है। तुम्पेक वारिगा राष्ट्रीय छुट्टी नहीं है।
अगला तुम्पेक वारिगा कब है? 210 दिन बाद, शनिवार 17 जुलाई 2027 को, जो 11 अगस्त 2027 के गालुंगन से 25 दिन पहले है।
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