उबुद से पूर्वी तट के समुद्र तटों — साबा, केरामास, लेबिह — तक जाने वाला रास्ता रोज़ ब्लाहबातुह से गुज़रता है, और शायद ही कोई रुकता है। जबकि ब्लाहबातुह बाज़ार से लगभग 200 मीटर पूर्व, जालान केबो इवा पर स्थित पुरा गादुह में बाली की सबसे विचित्र प्रतिमाओं में से एक रखी है: उभरी हुई आँखों वाला एक विशाल पत्थर का सिर, जिसका धड़ है ही नहीं।
वह पत्थर-मुख जिसे केबो इवा का चेहरा माना जाता है
लगभग एक मीटर ऊँची यह प्रतिमा सचमुच सिर्फ़ एक सिर है — उभरी आँखें, चौड़े कान, बिखरे बाल और बाहर निकले दाँत। ग्रामीण मानते हैं कि यह केबो इवा का चेहरा है, जो राजा अस्तासुरा रत्न भूमि बंतेन के समय प्राचीन बाली के महामंत्री थे और माजापहित की चाल का शिकार होकर मारे गए। स्थानीय कथा के अनुसार केवल सिर प्रदर्शित करना विनम्रता का प्रतीक है, और यह याद दिलाता है कि अच्छे और बुरे — दोनों कर्म सिर से ही आरंभ होते हैं।
1917 के भूकंप से बचा गाँव का मंदिर
पुरा गादुह की मूल इमारतें 1917 के बड़े भूकंप में ढह गई थीं और बाद में दोबारा बनाई गईं, पर वह पत्थर का सिर सुरक्षित बच गया। यह मंदिर पुरा केबो इवा के नाम से भी जाना जाता है और आज भी ब्लाहबातुह पारंपरिक गाँव के बंजार तेंगाह के लोग इसका नियमित उपयोग करते हैं — इसलिए यहाँ टूरिस्ट बस के समूह से कहीं ज़्यादा संभावना है कि आप पूजा करने आए ग्रामीणों से मिलें।
कैसे पहुँचें और सबसे अच्छा समय
- दूरी: उबुद के केंद्र से लगभग 13 किमी (20–30 मिनट), गियान्यार शहर से करीब 10 किमी पश्चिम, सानूर से लगभग 45 मिनट।
- पहुँच: पक्की चिकनी सड़क, स्कूटर या कार दोनों आरामदेह; सड़क किनारे या मंदिर के अगले प्रांगण में पार्किंग।
- सबसे अच्छा समय: सुबह 10 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद; साथ ही भोर से गुलज़ार रहने वाले ब्लाहबातुह बाज़ार में भी झाँक लें।
- कितना समय: 20–30 मिनट काफ़ी हैं; इसे साबा या केरामास बीच की यात्रा के साथ जोड़ लें।
व्यावहारिक जानकारी और बुकिंग
- स्थान: जालान केबो इवा, बंजार तेंगाह, ब्लाहबातुह, गियान्यार — गूगल मैप्स पर देखें
- समय व दान: यह गाँव का मंदिर है, कोई टिकट काउंटर नहीं; आमतौर पर दिन के उजाले में सुबह 8 से शाम 5 बजे तक प्रवेश मिल जाता है, दान-पेटी के लिए लगभग Rp10–20 हज़ार की स्वैच्छिक भेंट साथ रखें।
- शिष्टाचार: सारोंग और कमरबंद पहनें — अपने साथ लाएँ, क्योंकि किराये पर हमेशा उपलब्ध नहीं होते। प्रतिमा की तस्वीर लेने से पहले पुजारी या किसी स्थानीय व्यक्ति से अनुमति लें, और पियोदालन या किसी अनुष्ठान के दौरान बिना इजाज़त भीतर न जाएँ।
- सोशल मीडिया: इंस्टाग्राम पर खोजें
ब्लाहबातुह घूमने के लिए उबुद या सानूर सबसे सुविधाजनक ठिकाने हैं। इन दोनों इलाक़ों में ठहरने के लिए AccessiaPass के होटल वाउचर देखें, और फिर आधा घंटा उस पत्थर के सिर को दें जो पर्यटकों के आने से बहुत पहले से इस रास्ते को ताक रहा है।
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