सुकावती (Sukawati) के Jl. Lettu Wayan Sutha I पर Ni Sarti वारुंग में नासी ताहू की एक प्लेट 15,000 रुपिया (करीब 80 भारतीय रुपये) से शुरू होती है, और 1963 से यहां सिर्फ यही एक डिश बिकती है। वारुंग लगभग सुबह 7 से दोपहर 1 बजे तक खुलता है (सितंबर 2026 में detikBali के आधार पर जांचा गया)।
प्लेट में क्या है
तले प्याज़ के साथ सफेद चावल, आधे तले सुकावती टोफू के कुछ टुकड़े, टोफू क्रैकर, उराप (मसालेदार नारियल वाली सब्ज़ी) और तीन सांबल: सांबल माताह, टमाटर सांबल और कसावा सांबल (सांबल केतेला)। नियमित ग्राहक सबसे ज़्यादा कसावा सांबल की बात करते हैं, क्योंकि यह दूसरी जगह कम मिलता है। स्वाद नमकीन और चटपटा है, नाश्ते के लिए हल्का। इसमें मांस नहीं है, इसलिए पोर्क न खाने वालों के लिए ठीक है; सख्त शाकाहारी सांबल और उराप की सामग्री के बारे में पूछ लें।
भोर से पहले पकता है, रोज़ सीमित मात्रा
वारुंग की शुरुआत दादी मिरिन ने की थी, और Ni Sarti नाम उनकी भाभी के नाम से लिया गया है। अब इसे पांचवीं पीढ़ी की नी वायान मुर्नी चलाती हैं, जो सुबह 3:30 बजे लकड़ी और मिट्टी के चूल्हे पर खाना बनाना शुरू करती हैं। उन्होंने detikBali को बताया कि आम दिन में करीब 50 प्लेटें बिकती हैं और भीड़ वाले दिन 100 से ज़्यादा। इसलिए 11 बजे से पहले पहुंचना सुरक्षित है; बंद होने के करीब खाना खत्म हो सकता है।
खाना पारंपरिक सजावट वाले बाली घर में परोसा जाता है, सादा और छायादार। दो प्लेटें करीब 30 हज़ार रुपिया की पड़ती हैं, ड्रिंक्स अलग।
जाने से पहले
- कमियां: डिश सिर्फ एक है। अगर आप बाबी गुलिंग या कई तरह के साइड डिश चाहते हैं, तो यह जगह आपके लिए नहीं है। दोपहर से पहले बंद हो जाता है, इसलिए डिनर के लिए नहीं चलेगा।
- पता: Jl. Lettu Wayan Sutha I, सुकावती। Google Maps पर देखें
- ऑर्डर: वहीं खाएं, या GoFood से डिलीवरी मंगाएं ("Nasi Tahu Ni Sarti, Sukawati" नाम से)।
- Instagram: @nasitahusukawati
यह वारुंग सुकावती के आर्ट मार्केट वाले कस्बे में ही है, इसलिए सबसे समझदारी यह है कि सुकावती आर्ट मार्केट में खरीदारी और मोलभाव से पहले यहां नाश्ता करें, या चेलुक गांव की चांदी की वर्कशॉप जाने से पहले रुकें।
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