उबुद से कुछ किलोमीटर पूर्व, गियान्यार ज़िले के तम्पकसिरिंग उपज़िले में पेजेंग गाँव के बंजार सेमा गुनुंग में एक पत्थर की सीढ़ी तेज़ ढलान के साथ पाकेरिसान नदी की घाटी में उतरती है। उसके छोर पर है गोआ गरबा: बलुआ पत्थर की चट्टान में तराशी गई तपस्या-कोठरियों वाला पुरातात्विक स्थल, ठीक पुरा पेंगुकुर-उकुरान के नीचे। इसका क्षेत्रफल मुश्किल से 200 वर्ग मीटर है, फिर भी ऊपर मंदिर परिसर के शिलालेख पर 1116 शक (लगभग 1194 ईस्वी) अंकित है — प्राचीन बाली काल का चिह्न। जब तीर्थ एम्पुल पर्यटक बसों से भरा रहता है, यहाँ अक्सर सिर्फ़ पानी की आवाज़ आपके साथ होती है।
घाटी में क्या देख सकते हैं
- तपस्या-कोठरियाँ — चट्टान में कटी उथली आयताकार ताखें, जिन्हें ध्यान के लिए प्रयुक्त माना जाता है।
- सीढ़ी पर पदचिह्न — पैर के आकार का गड्ढा, जिसे स्थानीय लोग बेदाहुलु राज्य के महामंत्री केबो इवा से जोड़ते हैं; अब इसे लोहे की जाली से घेरा गया है।
- जलस्रोत और पवित्र जल — एक छोटा सोता, जो आज भी शुद्धिकरण के लिए उपयोग होता है।
- पाकेरिसान घाटी — काई से ढकी चट्टानें और वही नदी जो इस पट्टी के अन्य प्राचीन बाली स्थलों के पास से बहती है।
यह जगह अब भी शांत क्यों है
यहाँ न भव्य प्रवेशद्वार है, न स्मृति-चिह्न की दुकानें, न मुख्य सड़क पर बड़ा साइनबोर्ड — बस मंदिर के बगल की एक संकरी गली और काफ़ी खड़ी पत्थर की सीढ़ियाँ। बारिश के बाद कुछ सीढ़ियाँ काई से फिसलन भरी हो जाती हैं, इसलिए सुबह जाएँ और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें।
व्यावहारिक जानकारी और यात्रा
- स्थान: बंजार सेमा गुनुंग, पेजेंग गाँव, तम्पकसिरिंग उपज़िला, गियान्यार — उबुद के केंद्र से लगभग 20–25 मिनट की ड्राइव। Google Maps पर देखें
- समय और शुल्क: दिन के उजाले में जाएँ (लगभग 08:00–17:00), घाटी में रोशनी नहीं है। अधिकतर आगंतुक मंदिर की दान-पेटी में स्वैच्छिक दान, लगभग 10,000–20,000 रुपिया, दे देते हैं; गियान्यार ज़िले के आधिकारिक टिकट पोर्टल पर विदेशी आगंतुकों के लिए लगभग 15,000–30,000 रुपिया दर्ज है। छोटे नोट साथ रखें।
- पहुँच: स्कूटर और छोटी कार पास तक जा सकती हैं; गाँव की सड़क किनारे अनौपचारिक पार्किंग है। पार्किंग से पत्थर की सीढ़ियाँ उतरते हुए 5–10 मिनट पैदल। व्हीलचेयर या प्रैम के लिए उपयुक्त नहीं।
- शिष्टाचार: यह पवित्र क्षेत्र है — सारोंग और पट्टी साथ लाएँ और पहनें, कंधे ढकें, ताखों या मंदिर की संरचनाओं पर न चढ़ें, पेमांगकु (पुजारी) की अनुमति के बिना जल न लें, और प्रार्थना करते लोगों या चल रहे अनुष्ठान की तस्वीर लेने से पहले अनुमति अवश्य लें।
- और जानकारी: ताज़ा तस्वीरें और रास्ते की स्थिति आगंतुकों की पोस्ट से सबसे आसानी से पता चलती है — इंस्टाग्राम पर खोजें।
उबुद के आसपास ठहरने से ऐसी शांत जगह पर आप सुबह-सुबह पहुँच सकते हैं; ठहरने का खर्च हल्का रखने के लिए AccessiaPass के होटल वाउचर देखें।
कमेंट 0
अभी कोई कमेंट नहीं है। सबसे पहले कमेंट करें!