बिना परमिट आप बाली से मूंगा और कछुए से बने उत्पाद बाहर नहीं ले जा सकते; साधारण सीपियाँ और सार्वजनिक समुद्र-तट की थोड़ी रेत आमतौर पर ठीक है, पर कुछ अहम अपवादों के साथ। जो कुछ भी इंडोनेशियाई क़ानून से संरक्षित है या CITES में सूचीबद्ध है, उसके लिए निर्यात परमिट चाहिए जो पर्यटक के लिए व्यावहारिक रूप से असंभव है, और ऑस्ट्रेलिया जैसे गंतव्य देश उतरते समय अपने नियम लागू करते हैं। नीचे के सभी नियम सितंबर 2026 तक आधिकारिक पाठ से जाँचे गए हैं।
क्या मूंगा घर ले जा सकते हैं?
नहीं, जब तक आपके पास CITES निर्यात परमिट न हो। सभी पथरीले मूंगे (Scleractinia) CITES परिशिष्ट II में हैं, इसलिए इंडोनेशिया से बाहर ले जाने के लिए आधिकारिक निर्यात दस्तावेज़ ज़रूरी हैं। यह स्मारिका दुकानों पर बिकने वाले मृत मूंगे के टुकड़ों पर भी लागू है। तटीय क्षेत्र प्रबंधन क़ानून 27/2007 का अनुच्छेद 35 संरक्षण क्षेत्र के भीतर मूंगा लेने पर रोक लगाता है; सज़ा अब अधिकतम 10 साल जेल और/या अधिकतम Rp2 अरब जुर्माना है।
CITES की "व्यक्तिगत सामान" छूट भी काम नहीं आती। उदाहरण के लिए ऑस्ट्रेलिया इंडोनेशिया से आए सामान पर यह छूट स्वीकार नहीं करता, इसलिए बाली में ख़रीदे मूंगे के लिए भी इंडोनेशियाई निर्यात परमिट चाहिए।
सीपियों का क्या?
प्रजाति पर निर्भर है। पर्यावरण मंत्रालय विनियम P.106/2018 की संरक्षित प्रजाति सूची में अन्य के साथ ये शामिल हैं:
- इंडोनेशिया के सभी छह समुद्री कछुए, उनके कवच और कछुआ-खोल से बनी चीज़ें (कंघी, कंगन, चश्मे के फ़्रेम) समेत;
- विशाल सीप Hippopus hippopus और Hippopus porcellanus;
- ट्राइटन ट्रम्पेट (Charonia tritonis) और हॉर्न्ड हेलमेट (Cassis cornuta);
- नॉटिलस (Nautilus pompilius);
- नारियल केकड़ा और हॉर्सशू केकड़े।
Tridacna वंश की पाँच विशाल सीप प्रजातियाँ अब राष्ट्रीय संरक्षित सूची में नहीं हैं, पर CITES परिशिष्ट II में बनी हुई हैं। विशाल सीप के लिए CITES की व्यक्तिगत सामान सीमा सिर्फ़ प्रति व्यक्ति 3 खोल या 3 किलो है, और वह भी केवल क़ानूनी रूप से प्राप्त चीज़ों के लिए। समुद्र-तट के ठेले से ली गई सीपी के लिए यह साबित करना मुश्किल है। आम और असंरक्षित छोटी सीपियों पर कोई ख़ास रोक नहीं, पर गंतव्य पर उनकी जाँच हो सकती है।
संरक्षित प्रजातियों पर सज़ा क्या है?
7 अगस्त 2024 को लागू क़ानून 32/2024, जिसने संरक्षण क़ानून 5/1990 में संशोधन किया, संरक्षित जानवरों, उनके अंगों या उनसे बनी चीज़ों को रखने, स्वामित्व में रखने, ढोने या बेचने (अनुच्छेद 21(2)(c)) और उन्हें इंडोनेशिया से बाहर ले जाने (अनुच्छेद 21(2)(e)) पर रोक लगाता है। 2 जनवरी 2026 को दंड समायोजन क़ानून 1/2026 लागू होने के बाद न्यूनतम सज़ाएँ हटा दी गईं और केवल अधिकतम बची हैं:
- रखना या व्यापार करना (अनुच्छेद 40A(1)): अधिकतम 15 साल और/या श्रेणी VII तक जुर्माना, यानी Rp5 अरब।
- इंडोनेशिया से बाहर ले जाना (अनुच्छेद 40A(2)): अधिकतम 10 साल और/या श्रेणी VI तक जुर्माना, यानी Rp2 अरब।
कई वेबसाइटें अब भी पुराना "3-15 साल" बताती हैं; वे न्यूनतम सीमाएँ अब लागू नहीं। कार्रवाई असली है: फ़रवरी 2026 में मनादो के सैम रातुलांगी हवाई अड्डे पर क्वारंटीन और विमानन सुरक्षा अधिकारियों ने ग्वांगझू जा रहे एक यात्री से नॉटिलस, विशाल सीप, ट्राइटन और मूंगा ज़ब्त किया।
क्या समुद्र-तट की रेत ले जा सकते हैं?
हमें ऐसा कोई राष्ट्रीय नियम नहीं मिला जो सार्वजनिक समुद्र-तट से थोड़ी रेत ले जाने से रोके। अपवाद प्रकृति संरक्षण क्षेत्र हैं, जैसे मेंजांगन द्वीप सहित पश्चिम बाली राष्ट्रीय उद्यान। संरक्षण क़ानून का अनुच्छेद 33(2)(g) ऐसे क्षेत्रों से कोई भी वस्तु, जीवित या मृत, लेने या हटाने पर रोक लगाता है, जिसकी सज़ा अधिकतम 10 साल और/या Rp2 अरब जुर्माना है। मिट्टी या पौधों के अंश मिली रेत को गंतव्य देश रोक भी सकता है।
मूर्तियाँ, प्रतिमा और प्राचीन वस्तुएँ?
सांस्कृतिक धरोहर का दर्जा रखने वाली वस्तुएँ केवल शोध, सांस्कृतिक प्रचार या प्रदर्शनी के लिए और मंत्री की अनुमति से ही देश से बाहर जा सकती हैं (क़ानून 11/2010 का अनुच्छेद 68)। उल्लंघन पर अधिकतम 10 साल और/या Rp2 अरब तक जुर्माना है (अनुच्छेद 109)। "एंटीक" बताकर बेची जा रही प्रतिमा, यानी मंदिर की पवित्र मूर्ति, पर चोरी का संदेह करें, क्योंकि बाली में प्रतिमा चोरी बार-बार हुई है। कारीगरों की बनाई नई चीज़ें जैसे मुखौटे, लकड़ी या पत्थर की नक्काशी ले जाना ठीक है; रसीद संभालकर रखें।
बाहर जाते समय कितनी नकदी ले जा सकते हैं?
- Rp10 करोड़ (100 मिलियन) या उससे अधिक मूल्य की रुपिया या विदेशी मुद्रा नकदी सीमा शुल्क को घोषित करनी होगी (वित्त मंत्रालय विनियम 157/2017, संशोधन 100/2018)। घोषित न करने पर राशि का 10% जुर्माना, अधिकतम Rp30 करोड़ (300 मिलियन)।
- Rp10 करोड़ या अधिक रुपिया विदेश ले जाने के लिए बैंक इंडोनेशिया की पूर्व अनुमति भी चाहिए।
- Rp1 अरब या उससे अधिक मूल्य के विदेशी नोट कोई व्यक्ति नहीं ले जा सकता; केवल बैंक इंडोनेशिया से लाइसेंस प्राप्त कंपनियाँ।
प्रस्थान पर क्वारंटीन का क्या?
क्वारंटीन क़ानून 21/2019 का अनुच्छेद 34 जानवर, मछली, पौधे या उनके उत्पाद बाहर ले जाने वाले हर व्यक्ति से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र रखने, निर्धारित निकास बिंदु से जाने और क्वारंटीन अधिकारी को सूचना देने की अपेक्षा करता है। अनुच्छेद 87 के तहत सज़ा अब अधिकतम 3 साल और/या Rp5 करोड़ (50 मिलियन) तक जुर्माना है। पौधे या पशु से बने स्मृति-चिह्न को लेकर संदेह हो, तो चेक-इन से पहले हवाई अड्डे के क्वारंटीन अधिकारियों से पूछें।
गंतव्य देश के नियम: ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण
ऑस्ट्रेलिया के कृषि विभाग (DAFF, पेज 12 मार्च 2026 को अपडेट) के अनुसार सीपियाँ, रेत, पत्थर और जीवाश्म तभी आ सकते हैं जब उन पर कीड़े, मिट्टी और पशु या पौधों के अंश न हों, और उनकी जाँच होगी; सीप (ऑयस्टर) के खोल अपवाद हैं। मूंगा मृत और साफ़ होना चाहिए, साथ में ऊपर बताया CITES परमिट भी। लकड़ी की चीज़ें घोषित करनी होंगी और छाल व कीड़ों से मुक्त हों। उच्च जोखिम वाली चीज़ें घोषित न करने पर 6 या 12 पेनल्टी यूनिट का जुर्माना है, यानी 1 जुलाई 2026 से 364 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रति यूनिट के हिसाब से A$2,184 या A$4,368, और वीज़ा रद्द भी हो सकता है। दूसरे देशों के अपने नियम हैं, इसलिए अपने गंतव्य की सीमा शुल्क वेबसाइट देखें।
सुरक्षित स्मृति-चिह्न
- एंडेक और सोंगकेट कपड़े, और परिधान।
- चेलुक की चाँदी, नई लकड़ी की नक्काशी और मुखौटे (ऑस्ट्रेलिया जा रहे हों तो लकड़ी की चीज़ें घोषित करें)।
- फ़ैक्टरी-सील पैकेट में भुनी कॉफ़ी, चाय और चॉकलेट।
- दुकान से रसीद के साथ ख़रीदे आम सीपियों के हस्तशिल्प, बड़ी साबुत सीपियाँ नहीं।
कहाँ ख़रीदें और कितना दें, यह बाली स्मृति-चिह्न और हस्तशिल्प गाइड में है, और कछुओं को नुकसान पहुँचाए बिना उन्हें कैसे देखें, यह नैतिक वन्यजीव पर्यटन लेख में। अगर आपका सवाल असल में बाली में क्या ला सकते हैं, इस बारे में है, तो बाली में कितनी शराब ला सकते हैं पढ़ें। सबसे आसान नियम: अगर विक्रेता समुद्री वस्तु का स्रोत नहीं बता सकता और रसीद नहीं दे सकता, तो न ख़रीदें।
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