इ गुस्ती न्गुराह राय एयरपोर्ट पर इंडोनेशियाई कस्टम्स द्वारा रोका गया सामान तीन तरीकों से वापस मिल सकता है: आयात शुल्क और कर चुकाकर, कमी वाला परमिट जमा करके, या उसे फिर से इंडोनेशिया से बाहर ले जाकर (पुनः निर्यात)। समय सीमित है। वित्त मंत्रालय विनियम PMK 92/2025 के अनुसार अस्थायी भंडारण में 30 दिन से ज़्यादा रहा सामान "दावा न किया गया घोषित सामान" (BTD) बन जाता है, और फिर मालिक को 60 दिन और मिलते हैं, उसके बाद सामान नीलाम, नष्ट या राज्य की संपत्ति हो जाता है। नीचे के नियम अक्टूबर 2026 में peraturan.go.id पर विनियमों के मूल पाठ से जाँचे गए।
कदम 1: जाँच डेस्क छोड़ने से पहले लिखित दस्तावेज़ लें
सिर्फ़ मौखिक स्पष्टीकरण लेकर न जाएँ। ऐसा दस्तावेज़ माँगें जिसमें नंबर, तारीख़, सामान का विवरण और मात्रा, और रोकने का कारण लिखा हो। अगर संदिग्ध उल्लंघन पर सामान ज़ब्त हुआ है तो यह आमतौर पर Surat Bukti Penindakan (कार्रवाई प्रमाण पत्र) होता है। अगर सामान सिर्फ़ भुगतान या परमिट के इंतज़ार में रोका गया है, तो आपको रसीद या निर्धारण पत्र मिलेगा। नाम अलग हो सकते हैं, पर दस्तावेज़ नंबर के बिना बाद में सामान खोजना मुश्किल होगा। दस्तावेज़ और सामान की फ़ोटो लें।
कदम 2: रोकने का कारण पक्का करें
कारण से ही रास्ता तय होता है:
- मूल्य छूट से ज़्यादा। यात्री का निजी सामान प्रति व्यक्ति प्रति आगमन FOB 500 डॉलर तक शुल्क-मुक्त है। उससे ऊपर अंतर पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क और VAT (विलासिता वस्तुओं पर विलासिता कर भी) लगता है। 6 जून 2025 को PMK 34/2025 लागू होने के बाद से यात्रियों के निजी सामान पर आयात आयकर नहीं लिया जाता। विवरण बाली में शुल्क-मुक्त ख़रीदारी सीमा में है।
- प्रतिबंधित सामान (lartas)। बड़ी मात्रा में दवाएँ, सप्लीमेंट और कॉस्मेटिक, पौधे, कुछ खाद्य पदार्थ, या कुछ भी जिसके लिए किसी अन्य संस्था का परमिट चाहिए। न्गुराह राय में सबसे ज़्यादा यही जमा होता है: कस्टम्स के अपने अध्ययन में मार्च-जून 2025 में उस कार्यालय के 97.91 प्रतिशत प्रतिबंधित-सामान निर्धारण BPOM (खाद्य एवं औषधि नियामक) के उत्पादों से जुड़े थे।
- निषिद्ध सामान। नशीले पदार्थ, हथियार और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएँ छुड़ाई नहीं जा सकतीं। वे तुरंत राज्य की संपत्ति बन जाती हैं और मामला वापसी का नहीं, प्रवर्तन का हो जाता है।
कदम 3: अगर कारण शुल्क है तो भुगतान करें
कस्टम्स अधिकारी Customs Declaration या विशेष आयात दस्तावेज़ पर दर और सीमा शुल्क मूल्य तय करता है, और वही दस्तावेज़ भुगतान का आधार बनता है। भुगतान बिलिंग कोड से नामित बैंक या भुगतान चैनल के ज़रिए सरकारी ख़ज़ाने में होता है। रसीद संभालकर रखें और रिलीज़ की मंज़ूरी के लिए अधिकारी को दिखाएँ। अगर आप तय मूल्य से असहमत हैं, तो भुगतान से पहले आपत्ति प्रक्रिया पूछें, क्योंकि उसकी अपनी समय-सीमा है।
कदम 4: परमिट दें, या पुनः निर्यात चुनें
प्रतिबंधित सामान के लिए संबंधित संस्था का परमिट देना होता है (जैसे दवाओं या सप्लीमेंट के लिए BPOM की विशेष पहुँच योजना)। छुट्टी के दौरान परमिट लेना व्यावहारिक न हो, तो पुनः निर्यात आमतौर पर बेहतर है: बकाया लागत (गोदाम किराया सहित) चुकाने के बाद सामान आपके साथ घर लौटता है। शुरू में ही अधिकारी को यह बताएँ और पूछें कि प्रस्थान से कितने घंटे पहले आना होगा। सामान्य से पहले पहुँचें, क्योंकि सामान गोदाम से निकालकर प्रस्थान टर्मिनल पर सौंपा जाता है।
कदम 5: अपनी समय-सीमा गिनें
- दिन 1-30: सामान अस्थायी भंडारण में है। निपटाने का सबसे आसान समय यही है।
- 30 दिन के बाद: सामान BTD घोषित होकर कस्टम्स गोदाम (TPP) में जाता है। कस्टम्स मालिक को 60 दिन में निपटाने की लिखित सूचना देता है।
- TPP में 60 दिन के बाद: सामान की गिनती के बाद उसे नष्ट, नीलाम या राज्य की संपत्ति घोषित किया जाता है। जिस प्रतिबंधित सामान का परमिट कभी नहीं आया, वह राज्य का हो जाता है।
- अपवाद: सड़ा, एक्सपायर या जल्दी ख़राब होने वाला सामान (ताज़े फल और सब्ज़ियाँ) बिना इंतज़ार तुरंत नष्ट या नीलाम हो सकता है।
गोदाम किराया चलता रहता है। जितना इंतज़ार करेंगे, छुड़ाना उतना महँगा होगा, इसलिए कम क़ीमत के सामान को छोड़ देना अक्सर समझदारी है।
कदम 6: बिचौलियों से नहीं, आधिकारिक संपर्क से बात करें
इंडोनेशियाई कस्टम्स का आधिकारिक संपर्क Bravo Bea Cukai 1500225 और वेबसाइट beacukai.go.id है। अपने सामान के लिए पासपोर्ट और कदम 1 का दस्तावेज़ लेकर सीधे न्गुराह राय अंतरराष्ट्रीय आगमन टर्मिनल के कस्टम्स काउंटर पर जाएँ। एयरपोर्ट पर या निजी संदेश से "रिलीज़ सेवा" देने वालों से सावधान रहें। आधिकारिक भुगतान हमेशा बिलिंग कोड से सरकारी ख़ज़ाने में होता है, किसी व्यक्ति को नकद कभी नहीं।
जो अभी स्पष्ट नहीं है
PMK 92/2025 प्रकाशन के 90 दिन बाद लागू हुआ (18 दिसंबर 2025 को हस्ताक्षरित), इसलिए उससे पहले शुरू हुए मामलों पर अब भी PMK 178/2019 लागू हो सकता है। हमें न्गुराह राय कस्टम्स का ऐसा पेज नहीं मिला जो यात्री सामान के पुनः निर्यात की प्रक्रिया क्रमवार बताए, इसलिए कदम 4 का क्रम अधिकारी से पक्का करें। एयरपोर्ट की पूरी प्रक्रिया के लिए हमारी न्गुराह राय एयरपोर्ट गाइड देखें।
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