तबानान के बतुरिती में एक कटोरा बक्सो एसो अब 20,000 रुपिया का है। जब स्वर्गीय इ वायन सुकार्या ने 1965 में इसे बेचना शुरू किया था, तब यह 5 रुपिया का था। detikBali ने 2 अगस्त 2026 को यह कहानी छापी, और अब वारुंग उनकी बड़ी बेटी नि लुह सुर्यान्तिनी अपने पति और बच्चों के साथ चलाती हैं।
बक्सो एसो क्या है?
एसो का मतलब है गाय की आँत। यहाँ यह गोमांस की नस वाले मांस (तेतेलान) के साथ मुख्य टॉपिंग है, और कटोरे में चावल का दलिया (बुबुर) भी डलवा सकते हैं, जो शहर की बक्सो दुकानों में कम मिलता है। अंदरूनी अंग नहीं खाते तो चिकन बक्सो है। रोज़ लगभग 5 किलो बीफ़ और चिकन लगता है।
दो जगह, दो समय
- सुबह: बतुरिती बाज़ार के अंदर ठेला, 11:00 तक।
- दोपहर से शाम: बतुरिती बाज़ार के दक्षिण में वारुंग, बंजार पाचुंग, 12:00-18:00। Google Maps पर देखें
- हलाल: detikBali के अनुसार बीफ़ और चिकन से बनता है, सूअर का मांस नहीं, लेकिन हलाल प्रमाणपत्र का ज़िक्र नहीं है। ज़रूरी हो तो सीधे पूछ लें।
- पार्किंग: अलग पार्किंग का ज़िक्र नहीं। सुबह बाज़ार में भीड़ रहती है, इसलिए कार से आएँ तो दोपहर वाला वारुंग आसान है।
- ऑर्डर: सीधे जाएँ। Instagram पर खोजें
जानने लायक
एक बिना तारीख़ वाली थर्ड-पार्टी फ़ूड गाइड में बतुरिती में "Bakso Eso Jangkrik" का अलग पता और समय (08:00-17:00) दिया गया है। यह वही वारुंग है या नहीं, साफ़ नहीं है, इसलिए बतुरिती बाज़ार को पहचान मानें। अंदरूनी अंगों वाला बक्सो हर किसी को पसंद नहीं आता। आँत की बनावट पसंद न हो तो चिकन बक्सो लें।
बतुरिती देनपसार-बेदुगुल सड़क पर है, इसलिए चंदिकुनिंग बाज़ार की ओर चढ़ने से पहले यहाँ गरम कटोरा लेना आसान पड़ाव है। बाज़ार के ठेले पर खाना हो तो 11:00 से पहले पहुँचें। 20,000 रुपिया लगभग 105 रुपये होते हैं।
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